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जीएसटी के विरोध में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स का भारत बंद कल

मथुरा। तीन कृषि कानूनों को लेकर जो बात किसान संगठन कह रहे हैं, वही बातें अब जीएसटी कानून को लेकर व्यापारी संगठन भी करने लगे हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 26 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया है। आंदोलित कारोबारी संगठनों की यह भाषा एक तरह से किसान आंदोलन का समर्थन करने वाली है। इससे सरकार के परेेशानी और बढ सकती है। तीन कृषि कानूनों पर सरकार की ओर से संशोधन का प्रस्ताव किसान संगठनों के सामने लगातार रखा जा रहा है। जबकि किसान नेताओं की ओर से कहा जा रहा है कि तीनों कृषि कानून वापस लिये जान चाहिए। संशोधन समस्या का हल नहीं हैं। कानून कारोबारियों के हित में बनाए गये हैं कितने भी संशोधन कर लिये जाएं किसानों के हित में ये कानून फिर भी नहीं रहेंगे। किसानों की इस बात पर कैट के प्रांत प्रभारी अमित जैन ने भी एक तरह से जीएसटी के विरोध के जरिये मोहर लगा दी है।
  अमित जैन ने कहा है कि व्यापारियों के लिये मुसीबत बनते जा रहे जीएसटी के नये नये संशोधनो से दुखी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) 26 फरवरी को जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगा। इस संदर्भ में कैट पदाधिकारियों की बैठक होटल शीतल रीजेंसी मसानी रोड पर संपन्न हुई। बैठक में कैट के प्रांत प्रभारी अमित जैन ने जीएसटी की जटिलता को बताते हुए कहा कि बीते 4 वर्षों में जीएसटी में करीब 950 संशोधन लाए गए हैं, कोई भी संशोधन लाने से पहले व्यापारियों से किसी प्रकार की कोई बातचीत नहीं की गई और ना ही जीएसटी को लेकर व्यापारियों की परेशानियों को जानने का प्रयास किया गया है। प्रत्येक दिन एक नया प्रावधान लागू कर दिया जाता है जिसका पालन करना व्यापारियों के लिए बेहद मुश्किल भरा हो चला है। व्यापारी को अनेक प्रकार के कानून का पालन करने वाली मशीन बना कर रख दिया गया है। व्यापारी नेता मदन मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि नये जीएसटी संशोधनों की आड़ में अधिकारी व्यापारियों का शोषण करने में जुटे है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री विजय बंटा सर्राफ ने  कहा कि जीएसटी लागू करने से पहले सरकार ने इसे व्यापारियों के लिए सरल एवं एवं सुगम बताया था किन्तु उत्तर प्रदेश के अंदर अभी तक अपीलेट ट्रिब्यूनल भी गठित नहीं हुआ है जिस वजह से प्रत्येक छोटे-बड़े केस के लिए व्यापारी को हाई कोर्ट जाना पड़ रहा है। जीएसटी के कुछ ऑफिसर देशभर के व्यापारियों को प्रताड़ित करने में लगे हैं। बैठक में उपस्थित सभी व्यापारी नेताओं ने कैट के राष्ट्रीय आह्वान पर 26 फरवरी को होने जा रहे देशव्यापी जीएसटी कानून के विरोध को समर्थन देते हुए तय किया कि मथुरा के व्यापारी भी 26 फरवरी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी मथुरा को सौंपेंगे। बैठक की अध्यक्षता कैट के जिला अध्यक्ष जुगल किशोर अग्रवाल तथा संचालन जिला महामंत्री संजय कुमार बंसल ने किया। बैठक में कैट के मीडिया प्रभारी चैधरी विजय आर्य, कोषाध्यक्ष दिनेश चंद अग्रवाल सादाबाद वाले आदि उपस्थित रहे।


बीते 4 वर्षों में जीएसटी में करीब 950 संशोधन लाए गए हैं, कोई भी संशोधन लाने से पहले व्यापारियों से किसी प्रकार की कोई बातचीत नहीं की गई और ना ही जीएसटी को लेकर व्यापारियों की परेशानियों को जानने का प्रयास किया गया है।
अमित जैन, प्रांत प्रभारी कैट

 

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