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मथुरा : पराली ही नहीं, कोई भी फसल अवशेष जलाने पर होगी कार्रवाही || मथुरा : महापंचायत में रालोद, सपा के बीच पनपे विवाद का पटाक्षेप || मथुरा : महाराजा अग्रसेन जयंती के सामूहिक कार्यकम नहीं, पर उत्साह भरपूर

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत अयोध्या में राममंदिर भूमिपूजन के बाद भोपाल पहुंचे हैं। वे रविवार और सोमवार को मध्य व मालवा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर कोरोना के काल में किए गए कार्यो की समीक्षा करेंगे। साथ में आगामी नई योजना पर भी मंथन होना भी तय है। संघ मध्यभारत प्रांत के प्रचार प्रमुख ओमप्रकाश सिसोदिया ने बताया, "संघ प्रमुख भोपाल पहुंच गए है। वे यहां दो दिवसीय प्रवास पर आए हैं। इस दौरान वे प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ व्यक्तिगत संवाद करेंगे तथा कोरोना संकट में स्वयंसेवकों द्वारा किये गए सेवा कार्यो की समीक्षा करेंगे। साथ ही भविष्य के सेवा कार्यो की योजना पर भी विस्तृत चर्चा होगी।"  

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मुम्बई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के आधिकारिक आवास पर तैनात सहायक पुलिस इन्स्पेक्टर की कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हडकंप मच गया है। उद्धव ठाकरे का आधिकारिक आवास जिसका नाम वर्षा है। पुलिस अधिकारी के 6 करीबियों को क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटीन कर दिया गया है। यह जानकारी मुंबई पुलिस की ओर से दी गई है। आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 5,200 के आंकड़े को पार कर गया है। देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 20 हजार के करीब पहुंच गया है। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाद मंगलवार को ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गए। मुंबई कालवा से एनसीपी विधायक अव्हाद ऐहतियात के तौर पर 13 अप्रैल से क्‍वारंटीन में थे।महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों से उद्धव ठाकरे की सरकार सवालों के घेरे में है।अभी हाल ही में लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से विपक्ष एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन पर लगातार निशाना साध रहा है। साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शाम 8 बजे कोरोना वायरस कोलेकर देश को सम्बोधित करेंगे। आपको बताते जाए कि इससे पहले 19 मार्च को पीएम ने देश को संबोधित किया था और जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था।प्रधानमंत्री ने आज इस बात की जानकारी ट्विटर पर दी है। देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 500 के पार हो चुकी है और अबतक 10 मौत हो गई हैं। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारों ने लॉकडाउन का ऐलान किया था, कई राज्यों में कर्फ्यू भी लगाया जा चुका है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात समेत देश के कुल 30 राज्यों ने पूर्ण रूप से लॉकडाउन का ऐलान किया है. इसके अलावा लोगों को सख्त हिदायत दी जा रही है कि लोग घरों से बाहर नहीं निकलें। इसके अलावा पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी एक्शन भी लिया है।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा उच्च मूल्य के नोटों को सर्कुलेशन से नियंत्रित तरीके से वापस लेने की अटकलों के बीच केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि सरकार का 2000 रुपए के नोटों को वापस लेने की कोई योजना नहीं है। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि 500 रुपए और 200 रुपए मूल्यवर्ग के बैंक नोटों के अत्यधिक प्रचलन के मद्देनजर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने उक्त मूल्यवर्ग के नोटों के लिए एटीएम को फिर से कन्फिगर करने के लिए अपने स्थानीय प्रधान कार्यालयों को सूचना जारी की है। पिछले कुछ महीनों से बाजार में 2000 रुपए के नोटों की कम संख्या की वजह से अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार इसे प्रचलन से बाहर करने की योजना बना रही है। ठाकुर ने कहा कि 2000 रुपए के नोट का चेंज प्राप्त करना एक समस्या बन रही है, ऐसे में एसबीआई और इंडियन बैंक ने अपने एटीएम में कम मूल्य वर्ग के 500 रुपए व 200 रुपए के नोटों के लिए बदलाव करने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटों की छपाई सरकार द्वारा आरबीआई की सलाह पर की जाती है।  साभार-khaskhabar.com  

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भोपाल। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के साथ शुरू हुआ सियासी ड्रामा अभी जारी है। कई सालों तक कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सिंधिया ने पिछले दिनों भाजपा का दामन थाम राज्य की कमलनाथ सरकार को तगड़ा झटका दिया। सिंधिया का मानना था कि उन्हें लोगों की सेवा का मौका नहीं मिल रहा था, ऐसे में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्हें करीब सवा साल पहले सरकार गठन के बाद से ही कोई तवज्जों नहीं मिली। सिंधिया के साथ कई विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी। अब सरकार पर संकट के बादल मंडराए हुए हैं। UPDATES :- - पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उनका कहना है कि बेंगलुरू गए कांग्रेस के बागी विधायक प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ हैं। यह बात स्वयं विधायकों ने जाहिर कर दी है। उन्होंने कहा, "बागी विधायकों ने यह बात साफ कर दी है कि उन्हें बंधक बनाकर नहीं रखा गया है, वे अपनी मर्जी से यहां आए हैं। इससे कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोप झूठे साबित होते हैं। वहीं विधायकों ने यह भी कहा कि वे वर्तमान कांग्रेस सरकार के खिलाफ हैं।" उन्होंने कहा, "वर्तमान सरकार अल्पमत में है, उसके बाद भी संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। महिला आयोग अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष जैसे पदों पर नियुक्तियां कर दी गई हैं। दागी अफसर को मुख्य सचिव बना दिया गया है। इसी तरह विद्युत नियामक आयोग में नियुक्ति की कोशिश हो रही है।" पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा, "कमलनाथ अब इधर-उधर की बात न कर फ्लोर टेस्ट कराएं, इसके जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, अगर सरकार बहुमत में है तो वह बताएं। फ्लोर टेस्ट से डरते क्यों हैं? यह उनकी ओर से सिर्फ समय आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।" शिवराज ने कहा, "वर्तमान सरकार किसी तरह अपने को बचाने की कोशिश कर रही है, मगर यह बचने वाली नहीं है, भाजपा के विधायकों ने राज्यपाल के सामने परेड की है। संख्या का गणित स्पष्ट है। यह सरकार बहुमत खो चुकी है और भाजपा को आज उपलब्ध विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर बहुमत है, इन स्थितियों में सिर्फ फ्लोर टेस्ट एकमात्र तरीका है।" - भाजपा नेताओं ने मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर कहा कि राज्य में कमलनाथ सरकार अल्पमत में है, इसके बावजूद राज्य में असंवैधानिक तरीके से संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। इन नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा सहित अन्य नेता शामिल थे। - मध्यप्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच भाजपा का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एक बार फिर राजभवन पहुंचा। भाजपा नेताओं की राज्यपाल के साथ चर्चा चल रही है। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के अलावा अन्य नेता भी शामिल हैं। भाजपा की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इस कारण सरकार अल्पमत में आ गई है। बीते तीन दिनों में राज्यपाल लालजी टंडन की ओर से दो पत्र लिखकर मुख्यमंत्री कमलनाथ को शक्ति परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) के लिए कहा गया, मगर उस पर अमल नहीं हुआ। राज्यपाल ने 17 मार्च तक फ्लोर टेस्ट कराने को कहा था और यह भी कहा था कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो माना जाएगा कि सरकार को बहुमत नहीं है। इसी बात को लेकर भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा है।    साभार-khaskhabar.com  

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भोपाल। इस समय मध्य प्रदेश में सियासत चरम पर है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए कांग्रेस सरकार को बचाना बड़ी चुनौती है। दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य के बगावत कर भाजपा का दामन थामने से सरकार पर संकट गहराया है। दरअसल वर्ष 2018 के अंत में चुनाव के नतीजे आते ही कमलनाथ और सिंधिया के बीच दरार दिख गई थी और वक्त बीतने के साथ खाई में बदल गई। भाजपा ने भी मौके का फायदा उठाकर सिंधिया को अपने दल में शामिल कर लिया और उन्हें हाथों हाथ 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट भी दे दिया।  

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नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि कांग्रेस के सातों सांसदों का निलंबन वापस किया जाएगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिडला ने कांग्रेस के सातों सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया है। अब यह संसाद लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे। सर्वदलीय बैठक के बाद स्पीकर ने यह फैसला लिया है। इससे पहले होली के अवकाश के बाद लोकसभा की कार्यवाही आज फिर से शुरू हुई, लेकिन विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इसके बाद लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला की सभी राजनीतिक पार्टी के नेताओं के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि कांग्रेस के सात सांसदों के निलंबन वापस ले लिया जाए।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने धुलंडी के दिन कांग्रेस से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा कर रख दिया है। वे आज भाजपा का दामन थाम लिया है। उनको भाजपा की सदस्यता राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने दिलाई। इस अवसर पर पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा कि राजमाता सिंधिया जी ने भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की स्थापना और विस्तार करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आज उनके पौत्र हमारी पार्टी में आए हैं, ज्योतिरादित्य सिंधिया परिवार के सदस्य हैं, ऐसे में हम उनका स्वागत करते हैं। आपको बताते दें कि यह करके वे अपनी दादी की मुराद पूरी कर दी है। क्योंकि राजमाता विजयाराजे सिंधिया चाहती थीं कि उनका पूरा खानदान भाजपा में रहे। लेकिन माधवराव सिंधिया और उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे। लेकिन ज्योतिरादित्य ने कांग्रेस का साथ छोड़कर अपनी दादी की तमन्ना पूरी कर दी है। अपडेट.. -भाजपा नेता जफर इस्लाम के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा मुख्यालय पहुंच गए हैं। वे सीधे ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के कमरे में चले गए। - भाजपा नेता जफर इस्लाम के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया घर से निकल गए हैं। वे भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे। जिवाजी राव सिंधिया और विजयाराजे सिंधिया की पांच संतानों में माधवराव के अलावा पोते ज्योतिरादित्य ही कांग्रेस में थे। 18 साल तक कांग्रेस के साथ सियासत करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया अब भाजपा में आ सकते हैं। ग्वालियर के सिंधिया राजघराने में 1 जनवरी 1971 को पैदा हुए ज्योतिरादित्य कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे हैं। वे कांग्रेस के पूर्व मंत्री स्वर्गीय माधवराव सिंधिया के पुत्र हैं और ग्वालियर पर राज करने वाली राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने 1957 में कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरुआत की और वे गुना लोकसभा सीट से सांसद चुनी गईं। सिर्फ 10 साल में ही उनका मोहभंग हो गया और 1967 में वो जनसंघ में शामिल हो गई और भाजपा की संस्थापक सदस्य रहीं। माधवराव सिंधिया अपने मां-पिता के इकलौते बेटे थे, वो चार बहनों के बीच अपने माता-पिता की तीसरी संतान थे। माधवराव सिंधिया सिर्फ 26 साल की उम्र में सांसद बने, लेकिन वो बहुत दिन तक जनसंघ में नहीं रह पाए। 1977 में आपातकाल के बाद उनके रास्ते जनसंघ और अपनी मां विजयाराजे सिंधिया से अलग हो गए। 1980 में माधवराव सिंधिया ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर केंद्रीय मंत्री बन गए। उनका विमान हादसे में 2001 में निधन हो गया।   निधन के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना सीट पर उपचुनाव हुए तो सांसद चुने गए। 2002 में पहली जीत के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया कभी चुनाव नहीं हारे थे, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। विजयाराजे सिंधिया की बेटियों वसुंधरा राजे सिंधिया और यशोधरा राजे सिंधिया ने भी राजनीति में प्रवेश कर गई। 1984 में वसुंधरा राजे बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हुईं, वो दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री बनी। वसुंधरा राजे सिंधिया की बहन यशोधरा 1977 में अमेरिका चली गईं। इनके तीन बच्चे हैं लेकिन राजनीति में किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। 1994 में जब यशोधरा भारत लौटीं तो उन्होंने मां की इच्छा के अनुसार, भाजपा में शामिल होकर 1998 में चुनाव लड़ा। पांच बार विधायक रह चुकीं यशोधरा राजे सिंधिया शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मंत्री भी रही हैं।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में सोमवार को जगत प्रकाश नड्डा को पार्टी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के अंतर्गत पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह ने नड्डा को वर्ष 2019-22 के लिए निर्विरोध भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। फिलहाल नड्डा का स्वागत समारोह जारी है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद हैं। नड्डा ने पैर छूकर आडवाणी और जोशी का आशीर्वाद लिया। समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि हम सबके लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राजनीति में जिन आदर्शों और मूल्यों को लेकर हम चले थे, जिन आदर्शों, मूल्यों के लिए 4-5 पीढिय़ां खप गईं, उन्हीं आदर्शों और मूल्यों को लेकर और राष्ट्र की आशा-आकांक्षों को लेकर भाजपा ने अपने आपको ढाला, अपना विस्तार किया। प्रारंभ से ही पार्टी का स्वभाव रहा कि हॉरिजेंटली पार्टी का जितना विस्तार हो, वो करेगी और कार्यकर्ता का वर्टिकल विस्तार होता रहे, उसी परंपरा के कारण भाजपा को नई-नई पीढ़ी मिल रही है। जो पार्टी को आगे बढ़ाने में सफल होती है। मेरा सौभाग्य रहा है कि यहां बैठे हुए सभी वरिष्ठजनों के हाथ के नीचे मुझे पार्टी का काम करने का अवसर मिला है। कभी राज्य स्तर पर और कभी राष्ट्रीय स्तर पर इन सबकी अंगुली पकडक़र चलने का मुझे मौका मिला है। राजनीतिक दलों के लिए चुनाव अब लगातार चलने वाली प्रक्रिया हो गई है। अकेले में तो सब दल बोलते हैं कि बार -बार चुनाव, लेकिन जब एक सामूहिक फैसला लेना होता है तो हर एक को कुछ न कुछ कठिनाई आती है। संघर्ष और संगठन इन पटरियों पर हमारी पार्टी चलती रही है। देशहित की समस्याओं को लेकर संघर्ष करना, संगठन को बढ़ाना, कार्यकर्ता का विकास करना ये पार्टी का उद्देश्य है, लेकिन सत्ता में रहते हुए दल को चलाना ये अपने आप में बड़ी चुनौती होती है। इतने कम समय में भाजपा ने विस्तार भी किया है, जनाकांक्षाओं से खुद को जोड़ा है और समयानुकूल परिवर्तन भी किया है। एक जीती जागती चेतन वृंद पार्टी, सिर्फ संख्या बल पर बनी हुई सबसे बड़ी पार्टी नहीं बल्कि जन-सामान्य के दिलों में जगह बनाकर बनी हुई पार्टी है।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली। जनता दल (यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले प्रशांत किशोर ने कांग्रेस की तारीफ कर एक बार फिर भाजपा की दुखती रग पर उंगली रख दी है। प्रशांत ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व की तारीफ की है। भाजपा को प्रशांत का यह रवैया रास नहीं आया है। प्रशांत किशोर ने रविवार को ट्वीट किया कि वे कांग्रेस नेतृत्व को सीएए और एनआरसी का विरोध करने के लिए धन्यवाद देते हैं। खासकर विशेष पहल के लिए प्रियंका गांधी को विशेष धन्यवाद देते हैं। ट्वीट में उन्होंने बिहार के लोगों को आश्वासन दिया कि राज्य में सीएए और एनआरसी लागू नहीं किए जाएंगे। प्रशांत के इस बयान पर भाजपा भडक़ उठी है। भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा, प्रशांत कई राजनीतिक पार्टियों के लिए सर्वे का काम करते हैं। उनके लिए उनका प्रोफेशन ज्यादा प्यारा है, न कि पार्टी की विचारधारा। ऐसे में प्रशांत को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए। प्रशांत किशोर का बयान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक जद(यू) के रुख से मेल नहीं खाता है। जद(यू) ने संसद में सीएए का समर्थन किया था। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी पार्टी सीएए के खिलाफ नहीं, एनआरसी के खिलाफ है। फिर भी जद(यू) उपाध्यक्ष के नाते प्रशांत किशोर का यह बयान मायने रखता है। प्रशांत का बयान इस कारण भी खास माना जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 16 जनवरी को नागरिकता कानून पर अभियान चलाने खुद बिहार जाने वाले हैं। इन दिनों भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता बिहार में सीएए और एनआरसी के पक्ष में सभाएं कर रहे हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर भले ही अब विरोध प्रदर्शन लगभग थम गए हों, लेकिन इस पर राजनीति नहीं रुकी है। सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में हुए हिंसा को लेकर यूपी पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। साथ ही योगी सरकार पर अन्य बातों को लेकर भी प्रियंका ने जमकर हमला बोला। अब यूपी में भाजपा के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने प्रियंका पर पलटवार किया है। शर्मा ने कहा कि प्रियंका हिंदुत्व से अंजान हैं। उन्होंने हिंदुओं की बेइज्जती की है। प्रियंका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी के भगवा चोले पर आक्षेप किया हैं। भगवा पहनावे और परंपरा के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। आज 20-20 मैच चल रहा है। कांग्रेस, सपा और बसपा इसी में लगे हैं। ये विपक्षियों का आपस का द्वंद है कि कौन ज्यादा वोट खींचता है। वे भगवा को कलंकित करने का काम कर रहे हैं। विपक्ष प्रदेश की शांति को नष्ट करने का काम कर रहा। कानून तोडऩा कांग्रेस का काम है। सीआरपीएफ ने भी साफ किया है कि प्रियंका ने प्रोटोकॉल तोड़ा था। एसपी और कांग्रेस के लोगों को लोकसभा चुनाव में हार के बाद वोट बैंक खिसकता दिखाई दिया। इससे पहले प्रियंका ने दिन में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा था कि श्रीकृष्ण और राम करुणा के प्रतीक हैं। हमारे यहां शिव की बारात में सब नाचते हैं। इस देश की आत्मा में बदला जैसे शब्द की जगह नहीं है, श्रीकृष्ण ने कभी बदले की बात नहीं की है। इस प्रदेश के सीएम योगी के वस्त्र पहनते हैं, ये भगवा आपका नहीं है। ये भगवा हिंदुस्तान की धार्मिक आस्था का प्रतीक है, उस धर्म का पालन करना सीखिए। यूपी पुलिस इस वक्त मुख्यमंत्री के बदला लेने वाले बयान पर काम कर रही है।  साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से उन परिवारों की मदद करने को कहा, जो देशभर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मारे गए या घायल हुए हैं। राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया, सीएए के खिलाफ पूरे भारत में प्रदर्शन करते हुए कई युवा और महिलाएं घायल हो गए और यहां तक कि मारे भी गए। मैं कांग्रेस पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं से पीडि़त परिवारों से मिलने और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का आग्रह करता हूं। मैं असम में शनिवार को दो युवा शहीदों के परिवारों से मिला। राहुल गांधी शनिवार को गुवाहाटी और कामरूप में दो युवाओं के परिवारों से मिले, जो प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए थे। कांग्रेस पार्टी अब पुलिस की कार्रवाई में घायल या मृत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जेल में बंद लोगों की कानूनी मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश में शीर्ष वकीलों के साथ बैठक की है। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते समय की गई कथित गोलीबारी में उप्र में करीब दो दर्जन, असम में पांच और मंगलुरू में दो लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर पुलिस की क्रूरता की न्यायिक जांच और पीडि़तों की सूची प्रस्तुत करने की मांग की है। उप्र पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। चेन्नई। नारेबाजी, तख्तियों, जुलूसों और बैठकों के बाद द्रविड़ मुनेत्र कडक़म (द्रमुक) नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनसीआर) के खिलाफ अब पारंपरिक तमिल कोलम (अल्पना) का उपयोग कर रही है। तमिलनाडु में कोलम को समृद्धि के प्रतीक के तौर पर हिंदुओं के घरों के बाहर चित्रित किया जाता है। कोलम को चावल के आटे से बनाया जाता है, ताकि उसे चीटियां खा सकें। सोमवार को द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और उनकी बहन व राज्यसभा सदस्य कनिमोझी के साथ-साथ उनके दिवंगत पिता एम. करुणानिधि के आवास के बाहर कोलम बनाया गया, जिस पर लिखा था, सीएए-एनआरसी नहीं। पुलिस द्वारा यहां बेसेंट नगर क्षेत्र में सीएए, एनआरसी और एनपीआर विरोधी कोलम बनाने पर छह महिलाओं को हिरासत में लेने के बाद द्रमुक प्रमुख ने यह कदम उठाया है। महिलाओं को बाद में रिहा कर दिया गया। कोलम ने राहगीरों को काफी आकर्षित किया, जिससे यातायात भी बाधित हुआ। अनुमति मांगने पर पुलिस ने ऐसे कोलम बनाने की मंजूरी नहीं दी। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए स्टालिन ने फेसबुक पर कहा कि अन्ना द्रमुक सरकार की मनमानी का एक और उदाहरण है, जिसमें भारतीय संविधान में उद्धत मूल अधिकारों से लोगों को वंचित किया जा रहा है।  साभार-khaskhabar.com    

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कोरोना विशेष

मथुरा। कोविड शव को ले जा रही एम्बूलेंस का चालक अचानक बेहोश हो गया। हालांकि किसी तरह की कोई दुर्घटना नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने चालक को एम्बूलेंस से निकाला। घटना की सूचना अधिकारियों को दी। 

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हमारी बात

गाँधी जी को जानने के लिए आपको पढ़ना होगा और उन स्थानों पर जाना होगा जहाँ गांधीजी का सफर रहा है. सभी के अपने अपने मत है..समाज में अच्छाई से लेकर बुराई तक उनके बारे में भरी पड़ी है.

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Bollywood

दर्शन